फिर उठेगी चैहणी सुरंग बनाने की मांग

पांगी (चंबा)। एक बार फिर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पांगी दौरे पर आ रहे हैं। इस बार भी पांगी घाटी के निवासियों को उनसे एक ही मांग पूरी किए जाने की आस है और वह है चैहणी सुरंग का निर्माण। पिछले दो चुनावों में कांग्रेस को भरपूर समर्थन देने वाले पांगीवासी इस बार लोकसभा चुनावों से पहले प्रदेश सरकार से सुरंग निर्माण को लेकर कुछ पुख्ता घोषणा की उम्मीद लगाए हुए हैं। साल में करीब छह माह बर्फ की चादर से ढकी रहने वाली इस घाटी के निवासियों को महज एक सुरंग की कमी के कारण बाकी प्रदेश से कटे रहना पड़ता है। इनके लिए अपना जिला ही सैकड़ों किलोमीटर दूर हो जाता है। चैहणी सुरंग की मांग प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के समय से चली आ रही है और तभी से ही पांगीवासी आश्वासनों के कड़वे घूंट पीते चले आ रहे हैं। स्थानीय निवासी अब इस मांग को लेकर आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार है। पांगी कल्याण संघ तो इस मामले को लेकर कई बार नाराजगी भी जाहिर कर चुका है। हालांकि मुख्यमंत्री ने सत्ता संभालते ही पांगीवासियों की इस मांग को लेकर सकारात्मक संकेत भी दिए थे, लेकिन अभी तक ठोस कदम नहीं उठाए जा सके हैं। बीते वर्ष हुए विधानसभा चुनावों और हाल ही में हुए मंडी उपचुनाव में पांगी के लोगों ने कांग्रेस पार्टी को सुरंग बनाने की एवज मेें भारी समर्थन दिया था। यदि सुरंग का निर्माण होता है तो घाटी से जिला मुख्यालय के लिए पूरा वर्ष आवाजाही हो सकती है। वर्तमान में सुरंग न होने से अक्तूबर माह के बाद बर्फबारी होने से पांगी का संपर्क जिला मुख्यालय से कट जाता है। साच पास का रास्ता खतरनाक होने के कारण यहां हादसे होते रहते हैं। मुख्यमंत्री के दौरे से पहले बुधवार को साच पास के निकट हुए हादसे में दो पांगीवासियों की मौत ने स्थानीय लोगों के जख्म हरे कर दिए हैं।

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